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Saturday, February 24th, 2018
पश्चिम बंगाल ने ओडिशा से जीती रसगुल्ले की ‘जंग’, जियोग्राफिकल इंडिकेशन ने ममता के दावों पर जताई सहमति

पश्चिम बंगाल ने ओडिशा से जीती रसगुल्ले की ‘जंग’, जियोग्राफिकल इंडिकेशन ने ममता के दावों पर जताई सहमति

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by November 14, 2017 India

नई दिल्ली: रसगुल्ले की शुरुआत पश्चिम बंगाल में हुई या ओडिशा में इसका फैसला हो गया है. जियोग्राफिकल इंडिकेशन के चेन्नई ऑफिस ने इस विवाद को सुलझा दिया है और ये फैसला कर दिया है कि रसगुल्ला पश्चिम बंगाल का है न कि ओडिशा का. बता दें कि जियोग्राफिकल इंडिकेशन एक तरह से इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी का फैसला करती है और ये बताती है कि कोई प्रोडक्ट्स किस इलाके, समुदाय या समाज का है.
साल 2015 से जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्रेशन को लेकर ओडिशा और बंगाल के बीच विवाद कायम था. उस वक्त ओडिशा के एक मंत्री ने कहा था कि इस बात के सबूत हैं कि रसगुल्ला राज्य में पिछले 600 सालों से मौजूद है. वहीं इस मामले में बंगाल का दावा था कि 1868 में नबीन चंद्र दास नाम के शख्स ने पहली बार रसगुल्ला बनाया था, जो मिठाई बनाने के लिए खास तौर पर जाने जाते थे.
जबकि ओडिशा ने ऐतिहासिक रिसर्च के हवाले से दावा किया था रसगुल्ला पहली बार पुरी में बना और उसका पहला अवतार खीर मोहन था और उससे ही पहला रसगुल्ला विकसित हुआ.  मगर अब आए फ़ैसले ने ममता बनर्जी सरकार का मुंह मीठा कर दिया है.

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