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Saturday, February 24th, 2018
सृजन घोटाले में सीबीआई जांच प्रक्रिया करेगी तेज़, एक महीने में मिली काफी हद तक कामयाबी- सूत्र

सृजन घोटाले में सीबीआई जांच प्रक्रिया करेगी तेज़, एक महीने में मिली काफी हद तक कामयाबी- सूत्र

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by October 12, 2017 India

पटना: क़रीब दो महीने की जांच के बाद सीबीआई अब में इस मामले से संबंधित अहम लोगों से पूछताछ को तैयारी कर रही हैं. इसमें अधिकांश भागलपुर में पदस्थापित रहे पूर्व ज़िलाधिकारी हैं. सीबीआई सूत्रों का कहना हैं कि क़रीब एक महीने से उनकी जांच में, जिसके दौरान पूरा ध्यान साक्ष्यों को जुटाने पर केंद्रित था, उसमें बहुत हद तक कामयाबी मिली है.
इस जांच के दौरान ये भी साफ़ हो गया है कि आख़िर कौन कौन से अधिकारी किस किस स्तर पर या लापरवाही या मिलीभगत से पैसे का ग़बन किया है लेकिन कई जिलाधिकारियों की भी भूमिका भी संदिग्ध रही है.
इस मामले के मुख्य आरोपी सृजन के सचिव प्रिया या उनके पति अमित कुमार या उनके सहयोगी भाजपा नेता विपिन शर्मा को गिरफ़्तारी ना होने पर सीबीआई का कहना हैं कि फ़रार रहकर इन्होंने अपने निर्दोष होने की सम्भावना को नकार दिया है. उनका दावा है कि जल्द इन लोगों की भी गिरफ़्तारी की जाएगी. सृजन घोटाले में क़रीब पचीस लोग फ़िलहाल गिरफ़्तारी के बाद जेल में बंद हैं. कुछ लोगों को रिमांड पर लेके जांच एजेंसी ने पूछताछ की है लेकिन कई निचले स्तर के अधिकारी भी अभी गिरफ़्त से बाहर हैं.
यह पूरा मामला एक हज़ार करोड़  से अधिक का है. अगस्त  महीने में इस मामले के उजागर होने के बाद शुरू में ज़िला पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई ने जांच और गिरफ़्तारी का काम किया था.

बाद में जांच सीबीआई को दे दी गई. इस मामले में कई राजनेताओं के इस घोटाले  के मुख्य आरोपी मनोरमा देवी और उनके परिवार से संबंधो के फ़ोटो आए जिनमे केंद्रीय मंत्री , गिरिराज सिंह , शाहनवाज़ हुसैन प्रमुख हैं. राजद का आरोप है कि जब तक पटना हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट इस मामले की जांच की मॉनिटरिंग नहीं करता असल घोटालेबाज़ नहीं पकड़े जाएंगे.

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