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Friday, June 23rd, 2017
मूवी रिव्यू: द गाज़ी अटैक

मूवी रिव्यू: द गाज़ी अटैक

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by February 17, 2017 Entertainment

फिल्म- द गाज़ी अटैक
स्टारकास्ट- राना दुग्गुबत्ती, केके मेनन, तापसी पन्नू, ओमपुरी, अतुल कुलकर्णी, राहुल सिंह
डायरेक्टर- संकल्प रेड्डी
रेटिंग: *** (तीन स्टार)

बीते दो सालों से देशभक्ति का दिखावा कुछ ज्यादा ही जोर शोर तरीके से हो रहा है. ऐसे में फिल्में जो समाज का आइना होती हैं इससे अलग कैसे हो सकती हैं, बल्कि सच्चाई ये है अब फिल्मों में देशभक्ति को इस हद का परोसा जा रहा है कि वे जबरदस्ती डाले जाने का एहसास दिलाती हैं, जो फिल्मों को कमज़ोर करती हैं. ‘दंगल’ में आप देख चुके हैं. अब आज रिलीज हुई फिल्म ‘द गाज़ी अटैक’ में भी ऐसा ही देखने को मिलेगा. ये एक बेहतरीन फिल्म है लेकिन जब इसमें राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा’ चलता है तो ये एकता कपूर के सीरियल से ज्यादा ड्रामा लगता है.

स फिल्म की टैगलाइन है- ‘एक ऐसे युद्ध की कहानी है जिसके बारे में आप नहीं जानते.’ भारत-पाकिस्तान पर बनने वाली अब तक आपने बहुत सारी फिल्म देखी होंगी लेकिन ‘द गाज़ी अटैक’ में आपको पहली बार समुद्र के अंदर पानी में लड़ाई देखने को मिलेगी. यह भारत की यह पहली अंडर वॉटर फिल्म है. ये फिल्म 1971 में हुए ऐसे युद्ध की कहानी है जिसका कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है.

ये एक वास्तविक घटना पर बनी काल्पनिक फिल्म है. पाकिस्तान के जिस पनडुब्बी को नेस्तानाबूद करने की कहानी इसमें दिखाई गई है वो आज भी एक मिस्ट्री है. भारतीय नौसेना ने इस मिशन को कैसे अंजाम दिया ये अबतक रहस्य है. यही वजह है कि फिल्म में कई खामियां होते हुए भी करीब दो घंटे की इस फिल्म में दिलचस्पी बनी रहती है. इसमें पानी के अंदर तारपीडो से लड़ाई और लैंडमाइन बिछाने जैसी कई ऐसी बातें दिखाई गई हैं जो आपने पहली भारतीय सिनेमा में पहले नहीं देखा है.

फिल्म की सबसे बड़ी खामी ये है कि इसमें सिर्फ एक ही नज़रिए को दिखाया गया है. जिस पाकिस्तान के साथ इस फिल्म में लड़ाई दिखाई गई है उसमें पाकिस्तान का हिस्सा बहुत कम ही दिखाया गया है. अब चाहें ये विवाद से बचने की वजह से किया गया है फिर कोई और कारण हो लेकिन पाकिस्तान के हिस्से को सेना के कुछ कैरेक्टर्स और चंद घिसे पिटे डायलॉग से ही निपटा दिया गया है.

कहानी-
फिल्म की कहानी साल 1971 की है. भारतीय नौ सेना को खबर मिलती है कि पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को जमींदोज करने की योजना बना रहा है. पाकिस्तान इस मिशन के लिए पनडुब्बी ‘पीएनएस गाजी’ को भेजता है. इसे ट्रैक करने के लिए भारतीय नौसेना प्रमुख वीपी नंदा (ओमपुरी) एक ऑपरेशन सीसैट की योजना बनाते है और S-21 पनडुब्बी का कमान कैप्टन रनविजय सिंह (केके मेनन) को सौंपते हैं. रनविजय ऐसे कैप्टन है जिनको ये पता है कि सेना के किसी भी मिशन की रणनीति को राजनीतिक पदों पर बैठे लोग किस तरह प्रभावित करते हैं और इसका खामियाजा सेना को भुगतना पड़ता है. यही वजह उनके कैरेक्टर को टफ बनाता है.

इस मिशन में लेफ्टिनेंट कमांडर अर्जुन (राणा डग्गुबत्ती) को भी भेजा जाता है जो नौसेना के सभी नियमों का सख्ती से पालन करते हैं. इनके साथ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर देवराज (अतुल कुलकर्णी) हैं. कैप्टन और कमांडर में किसी मुद्दे पर पटती नहीं है क्योंकि काम करने का तरीका अलग है. रनविजय की सोच है कि ‘जंग शहीद होकर नहीं दुश्मन को शहीद करके जीती जाती है.’ जबकि अर्जुन जब तक ऑर्डर नहीं मिलता कोई भी निर्णय लेने को गलत मानता है. किन हालातों में 18 दिनों तक पानी के अंदर रहकर सेना नेस्तोनाबूद करती है यही पूरी कहानी है.

एक्टिंग

फिल्म में उतनी ही बातें दिखाई गई हैं जितनी आपने कहीं पढ़ी या सुनी होंगी. लेकिन इस फिल्म में केके मेनन, राना दग्गुबाती और अतुल कुलकर्णी की तिकड़ी ने कमाल कर दिया है. इसमें हीरो की तरह राना दग्गुबाती को पेश किया गय है लेकिन केके मेनन इसमें बाजी मार ले गए हैं. उनके एक-एक डायलॉग दमदार है. इसके अलावा अतुल कुलकर्णी भी अपना असर छोड़ जाते हैं.

इसमें तापसी पन्नू भी हैं जो एक रिफ्यूजी लड़की अनन्या के किरदार में है. अनन्या एक डॉक्टर है. ‘पिंक’ जैसी बेहतरीन फिल्म में दिखने वाली तापसी ने ये रोल क्यों किया ये समझ पाना मुश्किल है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस फिल्म के दो चार दृश्यों में उनके एक्सप्रेशन और एक दो डायलॉग के अलावा उनके पास कुछ करने को नहीं है.

डायरेक्टर संकल्प रेड्डी की ये पहली हिंदी फिल्म है. उनकी तारीफ होनी चाहिए कि उन्होंने ऐसा मुद्दा चुना जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं. फिल्म में गाने नहीं हैं, कोई प्यार का एंगल नहीं है और उसके बावजूद फिल्म आपको आखिर तक बांधे रखती है.

कुछ नया देखना चाहते हैं तो इस वीकेंड इस फिल्म को देख सकते हैं लेकिन अगर आप आइटम सॉन्ग और कॉमेडी के लिए फिल्में देखते हैं तो ये आपके लिए नहीं है.

 

 

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